छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का प्रकोप: अगले 10 दिन और बढ़ेगी तपिश, कई जिलों में लू की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट
छत्तीसगढ़ में गर्मी ने इस साल अप्रैल के मध्य में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और अब यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है। तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ती उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है, वहीं बाजारों में भी भीड़ कम होने लगी है।
राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग और रायगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 26 से 28 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को दिन-रात परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में किसी तरह की बारिश या मौसम में बदलाव के संकेत नहीं हैं। अगले 10 दिनों तक तापमान में और 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में कई इलाकों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम से आ रही गर्म हवाएं और साफ आसमान गर्मी बढ़ने की मुख्य वजह हैं।
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। इस दौरान लू चलने की संभावना अधिक है, जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी समस्याओं जैसे डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े या टोपी से ढकें और पानी की बोतल साथ रखें। ज्यादा से ज्यादा पानी, नींबू पानी, छाछ और फल का सेवन करने की सलाह दी जा रही है। हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनने को भी कहा गया है, ताकि शरीर का तापमान संतुलित बना रहे।
प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव करने और दोपहर के समय आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाने जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
गौरतलब है कि हर साल मई-जून में गर्मी अपने चरम पर होती है, लेकिन इस बार अप्रैल में ही तापमान जिस तरह बढ़ रहा है, उसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है। ऐसे में सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।

